| कक्षा | 6 |
| विषय | सामाजिक विज्ञान |
| अध्याय | 4 |
| विषय (ख) | अतीत के चित्रपट |
| NCERT PDF | fhes104.pdf |
| संस्करण | Reprint 2026-27 |
| सा.सं.पू. | Before Common Era |
| सा.सं. | Common Era |
इतिहास की समय-रेखा एवं उसके स्रोत
NCERT Class 6 · सामाजिक विज्ञान · अध्याय 4 · सम्पूर्ण नोट्स (हिन्दी माध्यम)
इतिहास की समय-रेखा एवं उसके स्रोत NCERT कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक समाज का अध्ययन: भारत और उसके आगे का चौथा अध्याय है। यह विषय (ख) — अतीत के चित्रपट के अंतर्गत आता है। इस अध्याय में हम सीखेंगे — इतिहास में समय की गणना कैसे होती है, इतिहास जानने के स्रोत कौन से हैं और आदिमानव कैसे रहते थे।
यह अध्याय अध्याय 3 — स्थलरूप एवं जीवन के बाद आता है।
1. इतिहास क्या है?
इतिहास मानव के अतीत का अध्ययन है।
- पृथ्वी का इतिहास बहुत लंबा है — 4.54 अरब वर्ष पुराना
- मानव (होमो सेपियंस) का इतिहास केवल लगभग 3,00,000 वर्ष पुराना है
- यह पृथ्वी के इतिहास का एक बहुत ही छोटा-सा नवीनतम भाग है
- अतीत को समझने से हम वर्तमान को बेहतर समझ सकते हैं
2. समय की गणना
प्रत्येक समाज एवं संस्कृति के पास समय की गणना की अपनी प्रणाली रही है। आज विश्वभर में ग्रेगोरियन कैलेंडर का उपयोग होता है।
- 365 दिन = 12 महीने
- प्रत्येक 4 वर्ष में एक लीप वर्ष (366 दिन)
- शताब्दी वर्ष (1800, 1900, 2000…) लीप वर्ष तभी जब 400 से विभाजित हो → इसलिए केवल 2000 लीप वर्ष था, 1900 नहीं
अनेक भारतीय तिथिपत्र सूर्य और चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करते हैं। पंचांग तालिकाओं की एक पुस्तक है जिसमें:
- प्रत्येक माह के दिनों के साथ खगोलीय आँकड़े
- सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण, सूर्योदय-सूर्यास्त का सटीक आकलन
- मौसम के पूर्वानुमान, त्योहारों की तिथियाँ
- आज भी भारत में बड़े स्तर पर उपयोग
3. सा.सं. और सा.सं.पू. — पूरी समझ
इतिहास में तिथियाँ लिखने के लिए दो संकेत प्रयोग होते हैं:
| संकेत | पूरा नाम (हिन्दी) | अंग्रेजी | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|---|---|
| सा.सं. | सामान्य संवत | C.E. (Common Era) / A.D. | ईसा मसीह के जन्म के बाद के वर्ष — आगे की ओर गिनते हैं | भारत 1947 सा.सं. में स्वतंत्र हुआ |
| सा.सं.पू. | सामान्य संवत पूर्व | B.C.E. (Before Common Era) / B.C. | ईसा मसीह के जन्म से पहले के वर्ष — पीछे की ओर गिनते हैं | महात्मा बुद्ध जन्म: 560 सा.सं.पू. |
ग्रेगोरियन तिथिपत्र में कोई भी वर्ष “0” (शून्य) नहीं है।
1 सा.सं.पू. के तुरंत बाद 1 सा.सं. आता है।
सूत्र: सा.सं.पू. और सा.सं. की दो तिथियों के बीच वर्षों की गणना:
दोनों को जोड़ें − 1 = वर्षों का अंतर
उदाहरण — महात्मा बुद्ध का जन्म (560 सा.सं.पू.) आज 2026 सा.सं. से कितने वर्ष पहले?
560 + 2026 − 1 = 2585 वर्ष पहले
4. शताब्दी और सहस्राब्दी
| शब्द | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| वर्ष | 1 वर्ष | 1947 सा.सं. |
| दशक | 10 वर्षों का कालखंड | 1990 का दशक = 1990–1999 |
| शताब्दी | 100 वर्षों का कालखंड | 21वीं शताब्दी = 2001–2100 सा.सं. |
| सहस्राब्दी | 1000 वर्षों का कालखंड | 3री सहस्राब्दी = 2001–3000 सा.सं. |
- सा.सं. में: 1 सा.सं. से आगे हर 100 वर्ष। जैसे — 501 से 600 सा.सं. = 6वीं शताब्दी
- सा.सं.पू. में: 1 सा.सं.पू. से पीछे की ओर। जैसे — 300 से 201 सा.सं.पू. = तीसरी शताब्दी सा.सं.पू.
- हम अभी 21वीं शताब्दी सा.सं. में हैं (2001–2100)
- हम अभी तीसरी सहस्राब्दी सा.सं. में हैं (2001–3000)
| व्यक्ति / घटना | तिथि | शताब्दी | 2026 के अनुसार कितने वर्ष पहले / बाद |
|---|---|---|---|
| महात्मा बुद्ध का जन्म | 560 सा.सं.पू. | 6ठी शताब्दी सा.सं.पू. | 560 + 2026 − 1 = 2585 वर्ष पहले |
| सम्राट चंद्रगुप्त का जन्म | 320 सा.सं.पू. | 4थी शताब्दी सा.सं.पू. | 320 + 2026 − 1 = 2345 वर्ष पहले |
| झाँसी की रानी का जन्म | 1828 सा.सं. | 19वीं शताब्दी सा.सं. | 2026 − 1828 = 198 वर्ष पहले |
| भारत की स्वतंत्रता | 1947 सा.सं. | 20वीं शताब्दी सा.सं. | 2026 − 1947 = 79 वर्ष पहले |
| सिंधु-सरस्वती सभ्यता | लगभग 2600 सा.सं.पू. | 27वीं शताब्दी सा.सं.पू. | 2600 + 2026 − 1 = 4625 वर्ष पहले |
5. समय-रेखा (Timeline)
समय-रेखा एक सुविधाजनक उपकरण है जो किसी विशेष अवधि में तिथियों और घटनाओं के अनुक्रम को दिखाता है।
- घटनाओं का क्रम (कौन-सी घटना पहले हुई)
- घटनाओं के बीच का समयान्तराल
- बिना तिथि देखे भी — जैसे बुद्ध का जन्म ईसा मसीह के जन्म से पहले हुआ
6. इतिहास के स्रोत
इतिहास के स्रोत — कोई स्थान, व्यक्ति, लेख अथवा वस्तु जिसके माध्यम से हम अतीत की किसी घटना अथवा कालखंड से संबंधित जानकारी एकत्र करते हैं।
इतिहास की पहेली एक जिग्सॉ पहेली (Jigsaw Puzzle) की तरह है — कुछ टुकड़े मिलते हैं, कुछ गायब रहते हैं।
6.1 इतिहास के प्रमुख स्रोत — विस्तृत तालिका
| स्रोत श्रेणी | उदाहरण | क्या जानकारी मिलती है? |
|---|---|---|
| पुरातात्विक स्रोत | उत्खनन, टीला, उपकरण-हथियार, मृदभांड-खिलौने, मूर्तियाँ, हड्डियाँ, निवास-शवाधान, जले अनाज | प्राचीन जीवनशैली, तकनीक, धर्म, व्यापार |
| साहित्यिक स्रोत | वेद, इतिहास, कविता, नाटक, लोक साहित्य, कहानी-संग्रह, वैज्ञानिक-तकनीकी लेख, पांडुलिपि | विचार, धर्म, भाषा, शासन, ज्ञान |
| शिलालेख / सिक्के / ताम्रपत्र | शिलालेख (अशोक), ताम्रपत्र, सिक्के, वंशावली | शासकों के नाम, युद्ध, भूमि-दान, तिथियाँ |
| संरचना / स्मारक | मंदिर, किले, स्तूप, महल, टीले | स्थापत्य कला, धर्म, शासन |
| कलात्मक स्रोत | चित्रकला, मूर्तिकला, पट्टिका (पैनल) | समाज, रीति-रिवाज, देवता |
| मौखिक स्रोत | लोक साहित्य, गीत-कथाएँ, प्रत्यक्षदर्शी विवरण | सांस्कृतिक स्मृति, स्थानीय इतिहास |
| विदेशी विवरण | यात्रा-वृत्तांत, ऐतिहासिक विवरण | बाहरी दृष्टिकोण से भारत का इतिहास |
| आधुनिक स्रोत | समाचार-पत्र, TV, इंटरनेट, आनुवांशिकी | आधुनिक इतिहास (पिछली 2–3 शताब्दियाँ) |
कभी-कभी विभिन्न स्रोत एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं (जिग्सॉ के टुकड़े मिलते हैं), कभी-कभी विरोध करते हैं (टुकड़े नहीं मिलते)। तब इतिहासकार को निर्णय लेना पड़ता है कि किस स्रोत पर विश्वास करें। इतिहास में पहेली के कुछ टुकड़े हमेशा गायब रह सकते हैं।
7. इतिहास जानने वाले वैज्ञानिक
- आनुवांशिकी (Genetics) — प्राचीन मानव के DNA से नई जानकारी
- प्राचीन जलवायु का अध्ययन
- उत्खनन की गई सामग्री का रासायनिक परीक्षण
- कार्बन डेटिंग — किसी वस्तु की आयु ज्ञात करना
8. आदिमानव जीवन
होमो सेपियंस (Homo Sapiens) = आधुनिक मानव। ये लगभग 3,00,000 वर्ष पूर्व से पृथ्वी पर हैं।
- समूहों/टोलियों में रहते थे — एक-दूसरे की सहायता के लिए
- मुख्य व्यवसाय: आखेट (शिकार) एवं खाद्य-संग्रह (फल-पत्ती इकट्ठा करना)
- भोजन एवं आश्रय की निरंतर खोज करते थे — खानाबदोश जीवन
- अस्थायी शिविर, शैलाश्रय (Rock Shelters) या गुफाओं में रहते थे
- उनकी भाषाएँ अब लुप्त हो चुकी हैं
- अग्नि का उपयोग करते थे — सुरक्षा, भोजन पकाना, गर्मी के लिए
- पत्थर की उन्नत कुल्हाड़ियाँ, ब्लेड्स, नुकीले तीर बनाते थे
- शैल-चित्र (Cave Paintings) — विश्व की सैकड़ों गुफाओं में; जीवन के विविध आयाम
- पत्थर/मनकों की माला, पशुओं के दाँतों के पेंडेंट — आभूषण बनाते थे
- दूसरे समूहों के साथ आदान-प्रदान भी करते थे
- प्राकृतिक तत्वों को लेकर कुछ विश्वास और मरणोपरांत जीवन की धारणाएँ थीं
9. हिम युग और पहली उपज
- एक समय पृथ्वी पर बहुत ठंड थी — बड़ा भाग बर्फ से ढँका था
- हिम युग: लगभग 1,00,000 वर्ष पूर्व से 12,000 वर्ष पूर्व तक
- हिम युग के अंत में जलवायु गर्म होने लगी — बर्फ पिघली → नदियों में जलभराव → समुद्रों का निर्माण
- हिम युग लगभग 12,000 वर्ष पूर्व समाप्त हुआ
- हिम युग के बाद जीवन-योग्य परिस्थितियाँ बनीं
- विश्व के कई हिस्सों में मानव ने एक स्थान पर बसना आरंभ किया
- अनाज उगाना शुरू किया — खेती की शुरुआत
- गाय, बकरी, भेड़ आदि जानवरों का घरेलूकरण (Domestication) आरंभ
- लोग नदियों के किनारे बसे — कारण: जल + उपजाऊ मृदा
- भोजन की अधिकता से समूह का आकार बड़ा होने लगा
समाज का विकास — चरण-दर-चरण
| काल | प्रमुख विकास |
|---|---|
| खानाबदोश काल | आखेट, संग्रह, गुफा-जीवन, शैल-चित्र |
| ~10,000 सा.सं.पू. | स्थायी बस्ती, खेती, पशु-पालन शुरू |
| पल्ली/गाँव काल | वस्तु-विनिमय, सामुदायिक कृषि, मुखिया |
| ~6,000 सा.सं.पू. | मृदभांड, मिट्टी के बर्तन (भारत) |
| ~4,000 सा.सं.पू. | तांबे का उपयोग, मेसोपोटामिया में प्रथम नगर |
| ~2,600 सा.सं.पू. | सिंधु-सरस्वती सभ्यता, लेखन, नगर-योजना |
10. सारांश — महत्वपूर्ण बिंदु
महत्वपूर्ण शब्दावली
- इतिहास (History)
- मानव के अतीत का अध्ययन।
- सामान्य संवत (सा.सं. / C.E.)
- ईसा मसीह के जन्म के बाद के वर्ष; आगे की ओर गिनते हैं।
- सामान्य संवत पूर्व (सा.सं.पू. / B.C.E.)
- ईसा मसीह के जन्म से पहले के वर्ष; पीछे की ओर गिनते हैं।
- युग (Era)
- समय का एक निश्चित कालखंड।
- शताब्दी (Century)
- 100 वर्षों का कालखंड।
- सहस्राब्दी (Millennium)
- 1000 वर्षों का कालखंड।
- दशक (Decade)
- 10 वर्षों का कालखंड।
- समय-रेखा (Timeline)
- तिथियों और घटनाओं के अनुक्रम को दर्शाने वाला चित्रात्मक उपकरण।
- इतिहास के स्रोत (Historical Sources)
- कोई स्थान, व्यक्ति, लेख या वस्तु जिससे अतीत की जानकारी मिले।
- जीवाश्म (Fossil)
- मृदा या शिलाओं की परतों में संरक्षित जीव-जंतुओं या पौधों के अवशेष।
- पुरातत्व विज्ञानी (Archaeologist)
- अवशेषों का उत्खनन करके अतीत का अध्ययन करने वाला वैज्ञानिक।
- इतिहासकार (Historian)
- अतीत का अध्ययन करने एवं उसके विषय में लिखने वाला व्यक्ति।
- आनुवांशिकी (Genetics)
- जीव विज्ञान की शाखा जो वंशानुगत विशेषताओं का अध्ययन करती है।
- ग्रेगोरियन कैलेंडर (Gregorian Calendar)
- 365 दिन, 12 महीने, हर 4 वर्ष में लीप वर्ष — विश्वभर में उपयोग।
- पंचांग (Panchang)
- भारतीय खगोलीय तालिका — सूर्य-चंद्र आधारित; त्योहार, ग्रहण, सूर्योदय आदि।
- हिम युग (Ice Age)
- लगभग 1 लाख–12,000 वर्ष पूर्व; पृथ्वी अधिकांशतः बर्फ से ढँकी थी।
- घरेलूकरण (Domestication)
- जंगली जानवरों को पालतू बनाने की प्रक्रिया।
- पल्ली (Hamlet)
- एक छोटी बस्ती अथवा छोटा गाँव।
- मरणोपरांत जीवन (Afterlife)
- मृत्यु के बाद जीवन की धारणा।
- मांगलिक (Auspicious)
- अनुकूल अथवा भाग्य लाने वाला शुभ समय।
- कल्याण (Welfare)
- स्वास्थ्य, समृद्धि और भलाई।
11. परीक्षा उपयोगी प्रश्न एवं उत्तर
समय-रेखा क्रम अभ्यास — परीक्षा हेतु
323 सा.सं.पू., 323 सा.सं., 100 सा.सं.पू., 100 सा.सं., 1900 सा.सं.पू., 1090 सा.सं., 2024 सा.सं.
उत्तर (पुराना → नया):
1900 सा.सं.पू. → 323 सा.सं.पू. → 100 सा.सं.पू. → 100 सा.सं. → 323 सा.सं. → 1090 सा.सं. → 2024 सा.सं.
सही (✓) / गलत (✗) — अभ्यास
| कथन | सही/गलत | कारण |
|---|---|---|
| ग्रेगोरियन कैलेंडर में वर्ष “0” होता है। | ✗ गलत | 1 सा.सं.पू. के तुरंत बाद 1 सा.सं. है; “0” नहीं। |
| सा.सं.पू. की तिथियाँ आगे की ओर बढ़ती हैं। | ✗ गलत | सा.सं.पू. की तिथियाँ पीछे की ओर — 100, 200, 300… |
| 1900 शताब्दी वर्ष लीप वर्ष था। | ✗ गलत | 400 से नहीं बँटता → लीप वर्ष नहीं; 2000 लीप वर्ष था। |
| पुरातत्व विज्ञानी उत्खनन करके अवशेष निकालते हैं। | ✓ सही | उत्खनन पुरातत्व विज्ञान की मुख्य विधि है। |
| आदिमानव स्थायी रूप से एक स्थान पर रहते थे। | ✗ गलत | आदिमानव खानाबदोश (nomadic) थे; खेती के बाद स्थायी बसाव हुआ। |
| मानव इतिहास (3 लाख वर्ष) पृथ्वी के इतिहास (4.54 अरब वर्ष) का एक छोटा-सा हिस्सा है। | ✓ सही | पृथ्वी का इतिहास बहुत लंबा; मानव का नवीनतम भाग। |
| हिम युग लगभग 10,000 वर्ष पूर्व समाप्त हुआ। | ✗ गलत | हिम युग लगभग 12,000 वर्ष पूर्व समाप्त हुआ। |
अध्याय का सार — आगे बढ़ने से पहले
- हमने अपने अतीत के बारे में और अधिक जानने के कुछ तरीके पता लगाए।
- समय-रेखा की अवधारणा हमें भिन्न-भिन्न समय पर ऐतिहासिक घटनाओं के अनुक्रम को समझने में सहायता करती है।
- समय की गणना की विभिन्न विधियाँ हैं — वर्ष, दशक, शताब्दी, सहस्राब्दी।
- इतिहास के विभिन्न स्रोत हैं जो ऐतिहासिक घटनाओं को समझने व उनका पुनर्निर्माण करने में सहायक हैं।
- हमने आरंभिक मानव जीवन को संक्षेप में समझा और यह जाना कि मानव-समाज कैसे समय के साथ जटिल होता गया।
आधिकारिक स्रोत:
• NCERT Chapter 4 PDF — fhes104.pdf
• NCERT कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक
• ncert.nic.in
• DIKSHA Portal — diksha.gov.in
• राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली — nationalmuseum.gov.in
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